एक प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक देर-सबेर विद्यालय जाते।
विद्यालय जाकर बच्चों के सामने ही चारपाई पर सो जाते।।
तभी एक दिन अचानक डिप्टी साहब विद्यालय चेक करने आये।
मास्टर साहब नींद में व्यस्त थे जान नहीं पाए।।
डिप्टी साहब मन ही मन मुस्काए।
बोले-आज मास्टर साहब पकड़ में आये।।
डिप्टी साहब के चारपाई हिलाते ही मास्टर साहब डोले।
और उठते ही बच्चों से बोले-
बच्चों कुम्भकरण रावण से छोटा था।
वो इसी तरह गहरी नींद में छः माह सोता था।।
डिप्टी साहब ये सब देखकर चकराए।
वे मास्टर साहब की चालाकी को समझ नहीं पाए।।
वे बोले-यूँ लेटकर पढाना किस पढाई का हिस्सा है।
मास्टर साहब मुस्कुराते हुए बोले-साहब ये गतिविधि आधारित शिक्षा (Activity based education) है।।
Thursday, 3 March 2016
एक प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक देर-सबेर विद्यालय जाते।
दिल से पढ़ो और ग़ौर करो
दिल से पढ़ो और ग़ौर करो
(मम्मी और पापा ) का पैग़ाम :-
1.जिस दिन तूम हमें बूढ़ा देखो तब
सब्र करना और हमें समझने की कोशिश करना
2.जब हम कोई बात भूल जाएं तो हम पर गु़स्सा मत करना औरअपना बचपन याद करना
3.जब हम बूढ़े होकर चल ना पायें तो हमारा सहारा बनना औरअपना पहला क़दमयाद करना
4.जब हम बीमार हो जाएं तो वो दिन याद करके हम पर अपने पैसेखर्च करना जब हम तुम्हारी ख्वाहिशों को पूरी करने के लिये अपनी ख्वाहिशें क़ुरबान करते थे
हमें अपने से अलग करने से पहले याद करना वो दिन जब हमारे से बाहर होने पर तुम्हारे आँख के आँसू नहीं रुकते थे!
कृपया इस खूबसूरत संदेश हर दिल अज़ीज़ के साथ शेयर करें☝और अपने माँ बाप का आदर करं
दुनियाभर के मैसेज तो हर कोई शेयर करता है । एक मैसेज माँ बाप के नाम भी. ......।
5 जनो को यह संदेश भेजो और देखो अब आपका अच्छा समय शुरू
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Mom or Dad ki lambi umar k liye 5 logon ko send kro
.....,i
Muje pata hai aap zaroor kroge.
मैसेज अच्छा है पड़ना जरूर
मैसेज अच्छा है पड़ना जरूर
छोटा सा जीवन है, लगभग 80 वर्ष।
उसमें से आधा =40 वर्ष तो रात को
बीत जाता है। उसका आधा=20 वर्ष
बचपन और बुढ़ापे मे बीत जाता है।
बचा 20 वर्ष। उसमें भी कभी योग,
कभी वियोग, कभी पढ़ाई,कभी परीक्षा,
नौकरी, व्यापार और अनेक चिन्ताएँ
व्यक्ति को घेरे रखती हैँ।अब बचा ही
कितना ? 8/10 वर्ष। उसमें भी हम
शान्ति से नहीं जी सकते ? यदि हम
थोड़ी सी सम्पत्ति के लिए झगड़ा करें,
और फिर भी सारी सम्पत्ति यहीं छोड़ जाएँ,
तो इतना मूल्यवान मनुष्य जीवन
प्राप्त करने का क्या लाभ हुआ?
स्वयं विचार कीजिये :- इतना कुछ होते हुए भी,
1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी...
मौन होना सब से बेहतर है।
2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी...
सफेद रंग सब से बेहतर है।
3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी...
उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है।
4- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी...
बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है।
5- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी...
अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है।
7- जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी...
सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है।
इंसान के अंदर जो समा जायें वो
" स्वाभिमान "
और
जो इंसान के बाहर छलक जायें वो
" अभिमान "
ये मैसेज पूरा पढ़े, और
अच्छा लगे तो सबको भेजें
✔जब भी बड़ो के साथ बैठो तो
भगवान का धन्यवाद करो ,
क्योंकि कुछ लोग
इन लम्हों को तरसते हैं ।
✔जब भी अपने काम पर जाओ
तो भगवान का धन्यवाद करो
क्योंकि
बहुत से लोग बेरोजगार हैं ।
✔ भगवान का धन्यवाद कहो
जब तुम तन्दुरुस्त हो ,
क्योंकि बीमार किसी भी कीमत पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश रखते हैं ।
✔ भगवान का धन्यवाद कहो
की तुम जिन्दा हो ,
क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो
जिंदगी की कीमत ।
दोस्तों की ख़ुशी के लिए तो कई मैसेज भेजते हैं ।
देखते हैं भगवान के धन्यवाद का ये मैसेज कितने लोग शेयर करते हैं !
गणित वडे पोतानो स्वभाव ओळखो
♣ गणित वडे पोतानो स्वभाव ओळखो♣
आ गणित आपने कहेशे के, आप शु छो ?
काळजीपूर्वक अने
शांत रीते
आ गणित ऊकेलो.
नीचे आपेल आंकडा मांथी
कोईपण एक आंकडो पसंद करो
1 - 2 - 3 - 4 - 5 - 6 - 7 - 8 - 9
तेने 3 वडे गुणो.
आवेल संख्यामा 3 ऊमेरो.
आवेल संख्याने फरी 3 वडे गुणाकार करो
जवाब बे आंकडा मा आवशे
हवे आवेल आंकडा नो वत्ताकार करो
जे अंक आवशे,
ते आपने कहेशे के,
आप शु छो.
1. नशीबदार
2. दयाळू
3. हळवो स्वभाव
4. अत्यंत साहसी
5. खूप सुंदर स्वभाव
6. शांत स्वभाव
7. मैत्री भर्यो स्वभाव
8. दुःखी
9. एक नंबरना डफोड
10. ईमानदार
11. आत्मकेंद्रित
हजू पण खोटु होय, तो
फरी पाछा एकवार बीजो अंक
मनमा धारी जुओ... तमारी मर्जी हों .... !
really
1400 साल पहले जब अज़ान होती थी तो
1400 साल पहले जब अज़ान होती थी तो हज़रत अली काँपने लगते थे और रंग सुर्ख़ हो जाता था।
किसी ने पूछा ये क्या माज़रा है, जब अज़ान होती है तो आप काँपने लगते हैं, ऐसा क्यू ?
आपने फरमाया इतनी बड़ी हस्ती का बुलावा आया है पता नहीं मैं उसका फ़र्ज़ ठीक तरह से अदा कर सकूँगा या नहीं।
और आज के लोगों को कोई परवाह नहीं अज़ान की।
अज़ान होती रहती है लोग बातों में मसगुल रहते हैं।
लोगों के घरों से TV की आवाज़ बराबर आती रहती है।
उस वक़्त कोई अहतराम नहीं करता लगता है जैसे लोगों के दिलों से खुदा का ख़ौफ़ ख़तम हो गया है ?
इस मैसेज को इतना फैलाओ की लोग अज़ान खामोशी से सुनें।
और अल्लाह पाक हम सबको पाबंदी के साथ नमाज़ पढ़ने की तौफीक अता फरमाए, आमीन सुम्मा आमीन....
देता हूँ दोस्तों तुम्हें
दावत नमाज़ की
तकदीर वाले पाते हैं
दौलत नमाज़ की
जीस घर के लोग करते हैं
इज्ज़त नमाज़ की
उस घर में पाइ जाती है
बरकत नमाज़ की
दोनों जहां में रहता है
आन शान में करता है
जो भी आदमी
इज्ज़त नमाज़ की
मेरा ना हो यकीन तो
अय मेरे दोस्तों
पूछो किसी नमाजी से
ताकत नमाज़ की
दुनिया में उसके जैसा
कोई आदमी नहीं
मिल जाए जीसको दोस्तों
नेमतें नमाज़ की
पढ़लो पढ़ने वालों
गर अल्लाह करम करें
कुरआन में लिखी है
फजिलत नमाज़ की
ऐसे भी कुछ मकाम है
इस बझमगाह (दुनिया) में
घर घर में पाइ जाती है
बरकत नमाज़ की
छोड़ोगे तो पछता ओगे
एय मेरे दोस्तों
किस्मत से हाथ आई है
दौलत नमाज़ की
इस्लाम मे औरत का मकाम
मुसलमान औरत के कफ़न में 5 और मर्द के कफ़न में कपड़े के 3 तुकडे होते है।
औरत के कफ़न के 2 तुकडों में एक रुमाल (Head Scarf) और दुसरा कपड़ा सीना-बंद (सीने को ढाॅकने के लिए) होता है।
पर अफ़सोस है उस मुसलमान औरत पर जो जिंदगी भर अपना सर और सीना खुला करके चलने में फक्र महसुस करती है, लेकिन मरने के बाद अल्लाह तआला ये दोनों चीज़ों को ढकवा कर अपने पास बुलवाता है।
ये मुसलमान औरत अफसोस है तुझ पर के अल्लाह तआला तुझ से कितनी हया करते है पर शैतान के बेहकावे में आ कर तु सारी जिंदगी अल्लाह तआला से हया नही करती ......... ! ! !
औरते के अज़ाब
12 गुनाहगार औरतें रब के अज़ाब से नही बच सकती।
1- बे-परदा
2- तेज़ ज़ुबान वाली
3- हर वक्त मौत मांगने वाली
4- दीन (मजहब) का मजाक उड़ाने वाली
5- चुगल खोर
6- एहसान जताने वाली
7- शौहर की ना-फरमान
8- गीबत करने वाली
9- बाल खोल के चलने वाली
10- बिला ज़रुरत घर से निकलने वाली
11- हद से ज्यादा बोलने वाली
12- झुठ बोलने वाली, झुठी बात फैलाने वाली और फ़ितना फ़साद करने वाली।
सब औरते और लडकीयों को फॉरवर्ड करो और लडकों को भी ताके वे अपनी मां, बहन, बीवी और बेटी बचा सके।
मंज़िल तो तेरी यही (कब्रस्तान) थी,
बस जिंदगी गुज़र गयी आते-आते।
क्या मिला तुझे इस दुनिया से,
अपनों ने ही दफना दिया तुझे जाते-जाते।
आज आमाल है, हिसाब नही।
कल हिसाब होगा, आमाल नही।
हमारी छोटी सी दावत पर कोई ना आए तो हम नाराज़ होते है,
अल्लाह तआला की तरफ़ से हमें रोजाना पाँच बार दावत होती है और हम उसके घर नही जाते, क्या वो हमसे नाराज़ ना होगा।
जब कोई लड़का पैदा होता है bतो अल्लाह पाक
फरमाते है जा तु दुनीया में और अपने वालिद की मद्दद कर
और जब कोई लड़की पैदा होती है तो
अल्लाह पाक फरमाते है जा तु दुनिया में मै तेरे वालिद की मद्दद करुगा
सुब्हानल्लाह
रात के वक़्त जब कुत्ते के भोंकने की आवाज सुनाई दे तो अल्लाह की पनाह मानगो क्यों की वो ऐसी मख्लोक देखता है जो हम नहीं देख सकते
बिस्मिल्लाह पढ़ कर दरवाजा बन्द किया करे क्यों की शैतान वो दरवाज़ा नहीं खोल सकता जिसे बिस्मिल्लाह पढ़ कर बन्द किया हो
पानी के बर्तन ढंक के रखा करे खास तौर पर रात के वक़्त
अच्छी और पुरे सकून नींद के लिये दुरूद पाक पढ़ के सोया करे
हर अच्छी बात आप के पास अमानत होती है और अमानत जल्दी लोगो तक पहुचाँ देनी चाहिए
जो शख़्स सोते वक़्त 21 बार पूरी बिस्मिल्ला पड़ता है
अल्लाह पाक फरिश्तों से फरमाते है की इसके हर साँस के बदले नेकी लिखो
आपके मोबाइल में जितने नंबर सेव है उन सब को भेजे
और देखें आज आपकी वजह से कितने लोग बिस्मिल्ला पढ़ते है
Plz किसी 1 को तो ज़रूर भेज
आज कल जहाँ भी लिखा होता है "आप कैमरे की नज़र में है"
आज कल जहाँ भी लिखा होता है
"आप कैमरे की नज़र में है"
पढने के साथ ही व्यक्ति सतर्क हो जाता है,और यथासंभव ग़लत काम करने से परहेज़ करता है। जबकि ये इंसान द्वारा निर्मित उपकरण मात्र है।
किसी के नियंत्रण में है कभी खराब भी हो सकता है
कितना मूर्ख है इंसान कि भूल जाता है कि हम हर समय अल्लाह की नज़र में हैं, और वहाँ की नज़र न ख़राब होती है, न बंद होती है, न किसी के नियंत्रण मे होती है, यानी बचने की कोई संभावना नहीं है
"ध्यान रहे आप हर वक़्त अल्लाह की नज़र में है"
यहूदी आलिम ने मज़मे मे 3 सवाल किए ताकि मुसलमानो को गुमराह कर सक
1 यहूदी आलिम ने मज़मे मे
3 सवाल किए
ताकि मुसलमानो को गुमराह
कर सके
1 अल्लाह है तो उसके
पहले भी कोई
होगा..
2 अल्लाह का मुँह किस
तरफ है...
3 अल्लाह इस वक़्त
क्या कर रहा है...
मज़मे में से एक 9 साल
का बच्चा उठा और
उसने
कहा गिनती गिनो...
यहूदी: 12345678910
बच्चा : अब
उल्टी गिनती गिनो...
यहूदी : 10987654321
बच्चा : 1 से पहले
क्या आता है...
यहूदी : कुछ नही...
बच्चा : अल्लाह एक है और
उससे पहले कुछ
नही...
2
फिर बच्चा एक
दिया लाया और
उसको जलाकर
पूछा...
इसकी रोशनी का मूह
किस तरफ
है...
यहूदी : चारो तरफ...
बच्चा : अल्लाह नूर है और
उसका चेहरा हर तरफ
है...
3
तीसरे
सवाल का जवाब:-
अल्लाह इस वक़्त एक
9 साल के बच्चे से एक
यहूदी को ज़लील
करवा रहा है...
ये
बच्चा कोई और
नही
इमाम ए आज़म अबू
हनीफा
(रहमतुल्लाह)
अन्हु ) थे ।
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करना ना भूलें
हज़रत मुहम्मद स०अ०व० ने फरमाया जब आज़ान दी जाए तो हर काम छोड़ दो यहाँ तक कि कुरान पढ़ना भी,जो शख्स आज़ान के दरमियाँ बात करता है तो मौत के वक्त उसे कलमा नसीब नहीं होगा ! इसको एक दोस्त तक जरूर पहुँचाना क्यूंकि अच्छी बात बताना भी सदका है !