Thursday, 3 March 2016

वाह रे मानव तेरा स्वभाव....

वाह रे मानव तेरा स्वभाव....

।। लाश को हाथ लगाता है तो नहाता है ...
पर बेजुबान जीव को मार के खाता है ।।

यह मंदिर-मस्ज़िद भी क्या गजब की जगह है दोस्तो.
जंहा गरीब बाहर और अमीर अंदर 'भीख' मांगता है..
विचित्र दुनिया का कठोर सत्य..

          बारात मे दुल्हे सबसे पीछे
            और दुनिया  आगे चलती है,
         मय्यत मे जनाजा आगे
           और दुनिया पीछे चलती है..

           यानि दुनिया खुशी मे आगे
          और दुख मे पीछे हो जाती है..!

अजब तेरी दुनिया
गज़ब तेरा खेल

मोमबत्ती जलाकर मुर्दों को याद करना
और मोमबत्ती बुझाकर जन्मदिन मनाना...
Wah re duniya !!!!!!

जनाज़े को कन्धा देना इबादत का काम ह

जनाज़े को कन्धा देना
इबादत का काम है

हर मुसलमान को चाहिए के इस इबादत मे शामिल हो

सरकारे दो आलम सलल्लाहो अलैहे
वसल्लम ने खुद हज़रात सअाद बिन
मआज़ रदिअल्लाहो तआला अन्हो के
जनाज़े को उठाया था

सुन्नत यह है के एक के बाद एक
जनाज़े के चारो पायो को कन्धा दे
और
कन्धा देते वक्त दस-दस कदम चले
और
पूरी सुन्नत यह है के कन्धा देनेकी
शुरुआत दाई बाज़ू सर की तरफ से
करके दाई तरफ पैर की तरफ
और
फिर बायीं बाज़ू सर
और
फिर पैर की तरफ कन्धा दे

कन्धा देते वक्त दस-दस कदम चले
इस तरह चार कंधे पुरे होने पर
चालीस कदम मुकम्मल हो जायेगे
✨✨
हदीसे पाक में आया है कि
✨✨✨✨✨✨✨
जो बंदा जनाज़े को उठाये चालीस
कदम चलता है अल्लाह तआला
उस बंदे के चालीस कबीरह गुनाह
माफ़ फ़रमा कर उस बंदे की बख्शीश
मग़फ़ेरत फरमा देता है
✨✨✨✨✨✨✨
जनाज़े के साथ चलने वालों के लिए
अफज़ल यह है कि जनाज़े के पीछे चले
दांए बांए या आगे न चले
✨✨✨✨✨✨✨
(फतावा आलमगीरी)
✨✨✨✨✨✨✨
जनाज़े के साथ पैदल चलना अफज़ल है
अगर सवारी पर हो तो आगे जाना
मकरूह है
और
अगर आगे रहना हो तो फिर अपनी
सवारी को दूर रखे
✨✨✨✨✨✨✨
(फतावा आलमगीरी)
✨✨✨✨✨✨✨
जो बँदा जनाज़े के साथ शामिल हो तो
फिर उसे नमाज़े जनाज़ा पढ़े बगैर
वापस नहीं जाना चाहिए
✨✨✨✨✨✨✨
अगर जल्दी हो तो बाद नमाज़े जनाज़ा
के मैयत के वाली की इज़ाज़त लेकर
जा सकता है
✨✨✨✨✨✨✨
मय्यत दफ़न हो जाने के बाद इज़ाज़त
की ज़रूरत नहीं है
✨✨✨✨✨✨✨
(फतावा आलमगीरी)
✨✨✨✨✨✨✨
जनाज़े के साथ चलने वालों के लिए
दुनयवी बाते करना या हसना मना है
✨✨✨✨✨✨✨
साथ चलने वालों को यह गौरो फिक्र
करना चाहिए के एक ना एक दिन
मुझे भी इसी तरह इस दुनीयां-ए-फानी
छोड़कर जाना है
✨✨✨✨✨✨✨
ज़िन्दगी का कोई भरोसा नहीं
न मालूम कब मौत आजाए
मुझे भी जितना हो सके आखरत की
तैयारी में लग जाना चाहिए
✨✨✨✨✨✨✨

"मदीना city दुनिया का सबसे बेहतर सबसे उत्तम और सब से उन्नत शहर,

"मदीना city
दुनिया का सबसे बेहतर सबसे उत्तम और सब से उन्नत शहर,
किसी भी मायने, किसी भी नज़रिये से देख लिया जाये।
चोरी - नहीं
हत्या - नहीं
बलात्कार - नहीं
शोषण - नहीं
सम्पदा - सबसे अधिक
विदेशी आवागमन - सर्वाधिक
किसी भी प्रकार का टैक्स - बिलकुल नहीं
पेट्रोलियम - फ़िल्टर पानी के भाव
चिकित्सा - निशुल्क
बिजली - निशुल्क
पानी - निशुल्क
ईमानदारी - ऐसी की कही ताले नहीं लगाये जाते ।
उपभोग के साधन - दुनिया में सबसे बेहतर

Resources - VIP level
Economy - Best
Infrastructue - Top Level
Import /Export - Expert Quality
Governance - Best Quality
Management - Human Interruptable
Law and Order - Best in Case

आखिर क्या कारण है की एक बंजर रेगिस्तान में बसा शहर आज दुनिया में सबसे उन्नत है। जबकि हमारे प्यारे रसूल के आने से पहले इसकी हालत बेहद बदतर थी।
क्या लोग ऐसा उन्नत और पाक शहर दुनिया के किसी भी कोने में बना के दिखा सकते हैं ?
कितनी भी दलील दे दो इस्लाम और मुसलमानो के खिलाफ, ये इस्लाम ही है जो इसे दुनिया में सबसे बेहतर बनाता है।

खुली चुनौती हे तुम्हे मेरे भटके हुए भाइयो ।
यहाँ तुम्हारी हर एक दलील खोखली साबित होती है ।
ये शहर किसी चंदे या मज़हब के धंधे से नहीं बसा है ।
ये वो शहर ऐ जो हज करने का खर्च भी खुद देता और Security Amount भी वापस कर
देता है । जिसे हमारी सरकार खा जाती है।

▶हिन्दू/मस्लिम सभी भाई इसपर गौर करें-
मैं बात कर रहा हूँ इस्लाम के आख़िरी नबी
हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम°) की.
आप(सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°)ने औरतों के हक़ में उस वक़्त आवाज़ उठाई जिस दौर में बेटियों को जिंदा दफना दिया जाता था।
और विधवाओं को जीने तक का अधिकार न था...
हाँ ये वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही °वसल्लम°) हैं जिन्होंने एक गरीब नीग्रो बिलाल
(रजि अल्लाहू ) को अपने गले से लगाया,अपने कंधों पर बैठाया,और इस्लाम का पहला आलिम मुक़र्रर किया....

वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम) जिन्होंने कहा की मज़दूर का मेहनताना उसका पसीना सूखने से पहले अदा करो।
मज़दूर पर उसकी ताक़त से ज़्यादा बोझ न डालो,
यहाँ तक की काम में मज़दूर का हाथ
बटाओ....

वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°) जिन्होंने कहा की-
वो इंसान मुसलमान नहीं हो सकता जिसका पड़ोसी भूखा
सोये, चाहे वो किसी भी मज़हब का हो...

वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°) जिन्होंने कहा की
अगर किसी ग़ैर मुस्लिम पर
किसी ने ज़ुल्म किया तो अल्लाह की अदालत में वो खुद उस ग़ैर मुस्लिम की वक़ालत करेंगे....

वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°)
जिन्होंने अपने ऊपर कूड़ा फेंकने वाली बुज़ुर्ग औरत का जवाब हमेशा मुस्कुरा कर दिया और उसके बीमार हो जाने पर ख़ुद खैरियत पूछने जाते हैं....

हाँ वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°)
जिन्होंने कहा की दूसरे मज़हब का मज़ाक न बनाओ...

वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°)
जिन्होंने जंग के भी आदाब तय किये की सिर्फ अपने बचाव में ही हथियार उठाओ...
बच्चे, बूढों और औरतों पर हमला न करो
बल्कि पहले उन्हें किसी महफूज़ जगह पहुँचा दो...
यहाँ तककी पेड़ पौधों को भी नुकसान ना पहुचाने की
हिदायत दी...

उसी अज़ीमुश्शान शख्सिअत के बारे में लिखते लिखते कलम थक जायगी मगर उसकी शान
कभी कम न होगी.
उन पर हमारी जान कुर्बान....

आजकल हिन्दु/गैर-मुस्लिम भाई बहुत परेशान रहते हैं इस्लाम को लेकर....
उनको बताना चाहुंगा कि
अगर कोई इन्सान गलती करता हे तो वो इन्सान बुरा होता है उसका धर्म/मज़हब नही....
२१ वीं सदी मे बहुत ऐसे लोग हैं जो दुनिया मे इतना मग्न हो गये है कि जिनको खुद इस्लाम की नाॅलेज
नही हे तो वो बच्चो को क्या इस्लाम के बारे मै बताऐंगे..
याद रखो... इस्लाम १००% पाक ओर साफ मज़हब है..
किसी के कहने सुनने पर इसे बुरा ना कहो...और अब भी अगर आपके दिमाग मे इस्लाम को लेकर
कोई गलतफैमी है तो आप खुद मुहम्मद (सल्लल्लाहु °अलयही°वसल्लम) की जीवनी(लाइफ हिस्ट्री) पढकर देखें...
आपको जर्रा (पौइंट) बराबर भी
गलती नजर नही आयेगी..!!!

अगर कोई मुस्लिम गलती/बत्तमीजी करता दिखे तो आप उससे सिर्फ इतना बौलना की क्या नबी (मुहम्मद सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम) ने आपको यही सिखाया है???
तुमको नबी का ज़रा भी डर
नहीं.????
सच्चा मुसलमान होगा तो शर्म से पानी पानी होकर तौबा कर लेगा..!!!!

प्लीज आपसे रिक्वेस्ट है कि इस मेसेज को फारवर्ड कर के इस्लाम के लिये जो लोगो के दिल-औ-दिमाग
मे नाइत्तिफाख़ी/बुराई हे उसे दूर करने मे हमारी मदद 
truncated by

"मदीना city दुनिया का सबसे बेहतर सबसे उत्तम और सब से उन्नत शहर,

"मदीना city
दुनिया का सबसे बेहतर सबसे उत्तम और सब से उन्नत शहर,
किसी भी मायने, किसी भी नज़रिये से देख लिया जाये।
चोरी - नहीं
हत्या - नहीं
बलात्कार - नहीं
शोषण - नहीं
सम्पदा - सबसे अधिक
विदेशी आवागमन - सर्वाधिक
किसी भी प्रकार का टैक्स - बिलकुल नहीं
पेट्रोलियम - फ़िल्टर पानी के भाव
चिकित्सा - निशुल्क
बिजली - निशुल्क
पानी - निशुल्क
ईमानदारी - ऐसी की कही ताले नहीं लगाये जाते ।
उपभोग के साधन - दुनिया में सबसे बेहतर

Resources - VIP level
Economy - Best
Infrastructue - Top Level
Import /Export - Expert Quality
Governance - Best Quality
Management - Human Interruptable
Law and Order - Best in Case

आखिर क्या कारण है की एक बंजर रेगिस्तान में बसा शहर आज दुनिया में सबसे उन्नत है। जबकि हमारे प्यारे रसूल के आने से पहले इसकी हालत बेहद बदतर थी।
क्या लोग ऐसा उन्नत और पाक शहर दुनिया के किसी भी कोने में बना के दिखा सकते हैं ?
कितनी भी दलील दे दो इस्लाम और मुसलमानो के खिलाफ, ये इस्लाम ही है जो इसे दुनिया में सबसे बेहतर बनाता है।

खुली चुनौती हे तुम्हे मेरे भटके हुए भाइयो ।
यहाँ तुम्हारी हर एक दलील खोखली साबित होती है ।
ये शहर किसी चंदे या मज़हब के धंधे से नहीं बसा है ।
ये वो शहर ऐ जो हज करने का खर्च भी खुद देता और Security Amount भी वापस कर
देता है । जिसे हमारी सरकार खा जाती है।

▶हिन्दू/मस्लिम सभी भाई इसपर गौर करें-
मैं बात कर रहा हूँ इस्लाम के आख़िरी नबी
हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम°) की.
आप(सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°)ने औरतों के हक़ में उस वक़्त आवाज़ उठाई जिस दौर में बेटियों को जिंदा दफना दिया जाता था।
और विधवाओं को जीने तक का अधिकार न था...
हाँ ये वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही °वसल्लम°) हैं जिन्होंने एक गरीब नीग्रो बिलाल
(रजि अल्लाहू ) को अपने गले से लगाया,अपने कंधों पर बैठाया,और इस्लाम का पहला आलिम मुक़र्रर किया....

वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम) जिन्होंने कहा की मज़दूर का मेहनताना उसका पसीना सूखने से पहले अदा करो।
मज़दूर पर उसकी ताक़त से ज़्यादा बोझ न डालो,
यहाँ तक की काम में मज़दूर का हाथ
बटाओ....

वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°) जिन्होंने कहा की-
वो इंसान मुसलमान नहीं हो सकता जिसका पड़ोसी भूखा
सोये, चाहे वो किसी भी मज़हब का हो...

वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°) जिन्होंने कहा की
अगर किसी ग़ैर मुस्लिम पर
किसी ने ज़ुल्म किया तो अल्लाह की अदालत में वो खुद उस ग़ैर मुस्लिम की वक़ालत करेंगे....

वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°)
जिन्होंने अपने ऊपर कूड़ा फेंकने वाली बुज़ुर्ग औरत का जवाब हमेशा मुस्कुरा कर दिया और उसके बीमार हो जाने पर ख़ुद खैरियत पूछने जाते हैं....

हाँ वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°)
जिन्होंने कहा की दूसरे मज़हब का मज़ाक न बनाओ...

वही मुहम्मद (सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम°)
जिन्होंने जंग के भी आदाब तय किये की सिर्फ अपने बचाव में ही हथियार उठाओ...
बच्चे, बूढों और औरतों पर हमला न करो
बल्कि पहले उन्हें किसी महफूज़ जगह पहुँचा दो...
यहाँ तककी पेड़ पौधों को भी नुकसान ना पहुचाने की
हिदायत दी...

उसी अज़ीमुश्शान शख्सिअत के बारे में लिखते लिखते कलम थक जायगी मगर उसकी शान
कभी कम न होगी.
उन पर हमारी जान कुर्बान....

आजकल हिन्दु/गैर-मुस्लिम भाई बहुत परेशान रहते हैं इस्लाम को लेकर....
उनको बताना चाहुंगा कि
अगर कोई इन्सान गलती करता हे तो वो इन्सान बुरा होता है उसका धर्म/मज़हब नही....
२१ वीं सदी मे बहुत ऐसे लोग हैं जो दुनिया मे इतना मग्न हो गये है कि जिनको खुद इस्लाम की नाॅलेज
नही हे तो वो बच्चो को क्या इस्लाम के बारे मै बताऐंगे..
याद रखो... इस्लाम १००% पाक ओर साफ मज़हब है..
किसी के कहने सुनने पर इसे बुरा ना कहो...और अब भी अगर आपके दिमाग मे इस्लाम को लेकर
कोई गलतफैमी है तो आप खुद मुहम्मद (सल्लल्लाहु °अलयही°वसल्लम) की जीवनी(लाइफ हिस्ट्री) पढकर देखें...
आपको जर्रा (पौइंट) बराबर भी
गलती नजर नही आयेगी..!!!

अगर कोई मुस्लिम गलती/बत्तमीजी करता दिखे तो आप उससे सिर्फ इतना बौलना की क्या नबी (मुहम्मद सल्लल्लाहु°अलयही°वसल्लम) ने आपको यही सिखाया है???
तुमको नबी का ज़रा भी डर
नहीं.????
सच्चा मुसलमान होगा तो शर्म से पानी पानी होकर तौबा कर लेगा..!!!!

प्लीज आपसे रिक्वेस्ट है कि इस मेसेज को फारवर्ड कर के इस्लाम के लिये जो लोगो के दिल-औ-दिमाग
मे नाइत्तिफाख़ी/बुराई हे उसे दूर करने मे हमारी मदद 
truncated by

Beautyful Days

Few Beautiful Messages to Start your day Beautifully -

1. जिदंगी मे कभी भी किसी को
      बेकार मत समझना,क्योक़ि
        बंद पडी घडी भी दिन में
          दो बार सही समय बताती है।

2. किसी की बुराई तलाश करने
      वाले इंसान की मिसाल उस
       मक्खी की तरह है जो सारे
         खूबसूरत जिस्म को छोडकर
           केवल जख्म पर ही बैठती है।

3. टूट जाता है गरीबी मे
      वो रिश्ता जो खास होता है,
        हजारो यार बनते है
          जब पैसा पास होता है।

4. मुस्करा कर देखो तो
      सारा जहाॅ रंगीन है,
        वर्ना भीगी पलको
          से तो आईना भी
             धुधंला नजर आता है।

5..जल्द मिलने वाली चीजे
      ज्यादा दिन तक नही चलती,
        और जो चीजे ज्यादा
           दिन तक चलती है
             वो जल्दी नही मिलती।

6. बुरे दिनो का एक
      अच्छा फायदा
         अच्छे-अच्छे दोस्त
            परखे जाते है।

7. बीमारी खरगोश की तरह
      आती है और कछुए की तरह
        जाती है;
          जबकि पैसा कछुए की तरह
             आता है और.खरगोश की
                तरह जाता है।

8. छोटी छोटी बातो मे
      आनंद खोजना चाहिए
        क्योकि बङी बङी तो
          जीवन मे कुछ ही होती है।

9. ईश्वर से कुछ मांगने पर
      न मिले तो उससे नाराज
        ना होना क्योकि ईश्वर
           वह नही देता जो आपको
             अच्छा लगता है बल्कि
             वह देता है जो आपके लिए
                    अच्छा होता है

10. लगातार हो रही
        असफलताओ से निराश
           नही होना चाहिए क्योक़ि
           कभी-कभी गुच्छे की आखिरी
           चाबी भी ताला खोल देती है।

11. ये सोच है हम इसांनो की
        कि एक अकेला
          क्या कर सकता है
             पर देख जरा उस सूरज को
           वो अकेला ही तो चमकता है।

12. रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो
        उन्हे तोङना मत क्योकि
          पानी चाहे कितना भी गंदा हो
           अगर प्यास नही बुझा सकता
              वो आग तो बुझा सकता है।

13. अब वफा की उम्मीद भी
         किस से करे भला
            मिटटी के बने लोग
               कागजो मे बिक जाते है।

14. इंसान की तरह बोलना
         न आये तो जानवर की तरह
             मौन रहना अच्छा है।

15. जब हम बोलना
         नही जानते थे तो
           हमारे बोले बिना'माँ'
      हमारी बातो को समझ जाती थी।
            और आज हम हर बात पर
                 कहते है छोङो भी 'माँ'
                  आप नही समझोंगी।

16. शुक्र गुजार हूँ
        उन तमाम लोगो का
           जिन्होने बुरे वक्त मे
              मेरा साथ छोङ दिया
                 क्योकि उन्हे भरोसा था
                    कि मै मुसीबतो से
              अकेले ही निपट सकता हूँ।

17. शर्म की अमीरी से
         इज्जत की गरीबी अच्छी है।

18. जिदंगी मे उतार चङाव
         का आना बहुत जरुरी है
          क्योकि ECG मे सीधी लाईन
            का मतलब मौत ही होता है।

19. रिश्ते आजकल रोटी
         की तरह हो गए है
            जरा सी आंच तेज क्या हुई
            जल भुनकर खाक हो जाते।

20. जिदंगी मे अच्छे लोगो की
        तलाश मत करो
          खुद अच्छे बन जाओ
            आपसे मिलकर शायद
               किसी की तालाश पूरी हो।

Beautyful Days

Few Beautiful Messages to Start your day Beautifully -

1. जिदंगी मे कभी भी किसी को
      बेकार मत समझना,क्योक़ि
        बंद पडी घडी भी दिन में
          दो बार सही समय बताती है।

2. किसी की बुराई तलाश करने
      वाले इंसान की मिसाल उस
       मक्खी की तरह है जो सारे
         खूबसूरत जिस्म को छोडकर
           केवल जख्म पर ही बैठती है।

3. टूट जाता है गरीबी मे
      वो रिश्ता जो खास होता है,
        हजारो यार बनते है
          जब पैसा पास होता है।

4. मुस्करा कर देखो तो
      सारा जहाॅ रंगीन है,
        वर्ना भीगी पलको
          से तो आईना भी
             धुधंला नजर आता है।

5..जल्द मिलने वाली चीजे
      ज्यादा दिन तक नही चलती,
        और जो चीजे ज्यादा
           दिन तक चलती है
             वो जल्दी नही मिलती।

6. बुरे दिनो का एक
      अच्छा फायदा
         अच्छे-अच्छे दोस्त
            परखे जाते है।

7. बीमारी खरगोश की तरह
      आती है और कछुए की तरह
        जाती है;
          जबकि पैसा कछुए की तरह
             आता है और.खरगोश की
                तरह जाता है।

8. छोटी छोटी बातो मे
      आनंद खोजना चाहिए
        क्योकि बङी बङी तो
          जीवन मे कुछ ही होती है।

9. ईश्वर से कुछ मांगने पर
      न मिले तो उससे नाराज
        ना होना क्योकि ईश्वर
           वह नही देता जो आपको
             अच्छा लगता है बल्कि
             वह देता है जो आपके लिए
                    अच्छा होता है

10. लगातार हो रही
        असफलताओ से निराश
           नही होना चाहिए क्योक़ि
           कभी-कभी गुच्छे की आखिरी
           चाबी भी ताला खोल देती है।

11. ये सोच है हम इसांनो की
        कि एक अकेला
          क्या कर सकता है
             पर देख जरा उस सूरज को
           वो अकेला ही तो चमकता है।

12. रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो
        उन्हे तोङना मत क्योकि
          पानी चाहे कितना भी गंदा हो
           अगर प्यास नही बुझा सकता
              वो आग तो बुझा सकता है।

13. अब वफा की उम्मीद भी
         किस से करे भला
            मिटटी के बने लोग
               कागजो मे बिक जाते है।

14. इंसान की तरह बोलना
         न आये तो जानवर की तरह
             मौन रहना अच्छा है।

15. जब हम बोलना
         नही जानते थे तो
           हमारे बोले बिना'माँ'
      हमारी बातो को समझ जाती थी।
            और आज हम हर बात पर
                 कहते है छोङो भी 'माँ'
                  आप नही समझोंगी।

16. शुक्र गुजार हूँ
        उन तमाम लोगो का
           जिन्होने बुरे वक्त मे
              मेरा साथ छोङ दिया
                 क्योकि उन्हे भरोसा था
                    कि मै मुसीबतो से
              अकेले ही निपट सकता हूँ।

17. शर्म की अमीरी से
         इज्जत की गरीबी अच्छी है।

18. जिदंगी मे उतार चङाव
         का आना बहुत जरुरी है
          क्योकि ECG मे सीधी लाईन
            का मतलब मौत ही होता है।

19. रिश्ते आजकल रोटी
         की तरह हो गए है
            जरा सी आंच तेज क्या हुई
            जल भुनकर खाक हो जाते।

20. जिदंगी मे अच्छे लोगो की
        तलाश मत करो
          खुद अच्छे बन जाओ
            आपसे मिलकर शायद
               किसी की तालाश पूरी हो।

Desh ke Chinta janak mudde...!

मोदी जी सारी योजना बंद कर दो ।
सिफ॔ सांसद भवन जैसी कैनटीन हर दस किलोमीटर पर खुलवा दो ।i

सारे लफडे खतम।
29 रूपये र्मे भरपेट खाना मिलेगा ।
80% लोगो को घर चलाने का लफडा खतम।
ना सिलेंडर लाना ना राशन
और
घर वाली भी खूश ।
चारो तरफ खुशीआं ही रहेगी।
फिर हम कहेंगे सब का साथ सबका विकास ।
सबसे बडा फायदा 1र् किलो गेहूॅ नहीं देना पडेगा
और जेटली जी को ये ना कहना पडेगा कि मिडिल कलास लोग अपने हिसाब से घर चलाए ।

इस पे गौर करे।

���� मुद्दा नम्बर 1

एक सिलेंडर की कीमत 783 रुपये, इंडियन आयल से बैंक में वापस जमा - 361 रूपये,
यानी, 783 - 361= 422 रूपये।
इसके पहले हमें सिलेंडर मिलता था 418 रूपये में,
मतलब कुल 4 रूपये का   नुकसान।

अब पता ये लगाना है की मेरे द्वारा जमा पैसा ही मुझे वापस मिला। तो फिर सब्सिडी का पैसा कहा गया, बल्कि पहले से ज्यादा पैसे मुझे देने पड़े।

ये कौन सा गणित है? पूरा देश सोच रहा है की उसे सब्सिडी का पैसा मिल रहा है, पर जनाब ये तो हमारा पैसा ही हमें मिल रहा है।

���� मुद्दा नम्बर 2
देश में पेट्रोल की कीमत कैसे तय होती है, उसकी पूरी प्रोसेस-

कच्चे तेल की वर्तमान कीमत = 25 डॉलर प्रति बेरेल।
(जहाँ,  $1 = 68/-
और 1 बेरेल = 159 लीटर )

यानी, $25 = Rs.1700/-

1 लिटर कच्चा तेल भारत खरीदता है (1700/159) =10.69 रुपयों में।

1 लिटर पेट्रोल बनाने के लिए लगने वाला कच्चा तेल - 
0.96 लीटर @10.69/- = 10.26/-

अब कच्चे तेल में से एक लीटर पेट्रोल बनाने की फिक्स्ड कीमत होती है 6 रूपये (ट्रांसपोर्टेशन मिलाकर)

यानी, 10.26 रूपये + फिक्स्ड कीमत, 6 रूपये = 16.26 रूपये में एक लिटर पेट्रोल बनता है।

अब उसमे केंद्र सरकार के टेक्स लगता है, 25% यानी 4 रूपये।
यानी 16.26+4 = 20.26 रूपये।

और उपर से फिर राज्य सरकार के टेक्स जैसे VAT,
जिसे हम एवरेज 15% गिने तो होते है 3 रूपये यानी कुल मिलाकर होते है 23.26 रूपये।

और आखिर में पेट्रोल पंप डीलरो को पर लीटर 90 पैसे कमिशन दिया जाता है तो होते है कुल 25 रूपये।

लेकिन फिर भी आज हमे 62/- प्रति लीटर में पेट्रोल मिल रहा है॥

कृपया कड़ी मेहनत से प्राप्त हुई ये जानकारी देश के हर एक नागरिक तक पहुँचाने की कोशिश करे ।

शान है या छलावा

पूरे  भारत  मे एक ही  जगह ऐसी  है  जहा खाने  की चीजें  सबसे सस्ती है

चाय = 1.00

सुप = 5.50

दाल= 1.50

खाना =2.00

चपाती  =1.00

चिकन= 24.50

डोसा = 4.00

बिरयानी=8.00

मच्छी= 13.00

ये  सब चीजें  सिर्फ  गरीबो के  लिए  है 
और ये सब Available है  Indian Parliament Canteen मे

और  उन  गरीबो की  पगार है 
80,000 रूपये  महीना वो  भी  बिना income tax के 

आपके mobile मे जितने  भी  नम्बर save है  सबको forwardकरे ताकि  सबको  पता  चले  …

कि यही कारण  है  कि  इन्हे  लगता है  कि जो  आदमी  30 या 32 रूपये  रोज  कमाता है  वो गरीब  नही है

jokes तो हर रोज forward करते  हो  आज  इसे  भी forward कर.े