Thursday, 3 March 2016

व्यापारी मित्रों

व्यापारी मित्रों
( 1 ) चुनाव के पहले tax terror  को समाप्त करने का वादा करने वाले मोदीजी ने अब उल्टा tax terror को कई गुना बढ़ा दिया है l

( 2 )  Income tax raid ,
search , seizure , scrutiny cases , reassessment , notices आदि अपनी चरम सीमा पर है l

( 3 ) पूरे देश मे भय का माहौल बना दिया है l मोदीजी खुद के गुणगाण मे , विदेश भ्रमण मे और प्रवचनों मे लिप्त है l जेटली रोज़ व्यापारियों को जैल मे डालने और परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे है l

( 4 ) आज तक किसी भी सरकार ने इस तरह की हरकत नही की l जब विदेशो से काला  धन लाने के नाम पर फूटी कौड़ी भी  नही आई तो जेटली जी  अपना चेहरा छिपाने के लिये हम व्यापारियों के पीछे पड़ गये है l

( 5 ) यह दिखाया जा रहा है कि व्यापारी समाज भ्रस्ट है l लाखों लाखों करोड़ खा जाने वाले लोग , चुनाव मे बेशुमार काला धन खर्च करने वाले लोग , ईमानदारी का पाठ पढ़ा रहे है l

( 6 ) हम कर दाताऔ को ही कर चोर साबित करने मे लगे है , आतंक और मंदी का माहौल है,
भ्रष्ट अफसरों को मौज हो गई है l  निक्कमे , कामचोर , निर्ल्लज ,
भ्रष्ट , घूस खोर अधिकारीयों की पूरी फौज सक्रिय हो गई है l
घूसखोरी अपनी पराकाष्ठा पर है l कोई रोकटोक नही है , officers को  मनमानी करने की छूट है l

( 7 ) हम खुद capital लाते है, दिन रात मेहनत करके, खून पसीना बहाकर, चौबीसों घंटों चिंतित रहकर, अपनी सुख सुविधा  अपने health का ख़याल छोड़ कर काम मे लगे रहते है l व्यापार और केवल व्यापार l घर , परिवार , समाज, शिक्षा, स्वास्थ्य का सोच नही पाते, केवल काम की धुन l व्यापार के सिवा  कूछ भी नही l हमारे working hours समाप्त ही नही होते बस लगे ही रहते है l पूरी ताकत से और ताकत से भी ज्यादा कर लेते है l

( 8 ) और इस आपाधापी मे मालूम ही नही होता कि कब कौन सी बीमारी लग गई , और लगता है कि शरीर का भी सोचना चाहिये था l कितने समाजिक काम रह गये , घर परिवार का नही सोचा , केवल व्यापार और काम  का ही सोचा l जी तोड़ मेहनत करके चार पैसे जोड़ लिये पर काफी कूछ छूट जाता है l

( 9 ) पर एक संतोष रहता है कि हम कभी थके नही , काम करते गये , खुद काम मे लगे और बहुतों को काम दिया l कितने ही परिवारों का पालन पोषण हुआ l

( 10 ) किस तरह अपनी मेहनत से पूराने काम को या किसी नये business को  , तिल तिल कर  आगे बढ़ाया, असफलता का मुकाबला किया , कितने risk लिये , कितनी कठिन स्थिति से गुजरे , समय समय पर लिये  सटीक निर्णय आदि का ख़याल कितना संतोष देता है l पर कहीं से भी या किसी भी तरह कोई भी मंत्री हमारी देश हित मे भागीदारी का उल्लेख नही करता  l

( 11 )  लगता है इस देश मे व्यापार करना जैसे कोई अपराध या गुनाह है l इतने कानून बना दिये है , इतने license बना दिये है , इतने तरह की formalities है  कि इनका ठीक ठीक maintenance सम्भव ही नही है l इनमें ही ज्यादा  समय , और शक्ति  लग जाती है , कारोबार के लिये कम समय रह जाता है l

( 12 ) और यही से सरकारी अफसरों की मनमानी शुरू होती है l यहीं से घूसखोरी और भ्रष्टाचार का जन्म होता है l यह तो कानून बनाने वाले भी जानते है कि इतना सम्भव ही नही है l पर उनको इससे क्या ?
घूसखोरी और भ्रष्टचार को बढ़ावा देना ही जिनका मकसद है वे कभी भी सुधार नही चाहते l
जब मन किया notice भेज दिया , जब मन किया detalis माँगली , जब भी दिल किया पूछताछ के लिये चले आये l हमको तो आतंकवादियों से भी ज्यादा जिल्लत और अपमान सहना होता है l

( 13 ) और इससे क्या फायदा होता है , किसका भला होता है , क्या मकसद पूरा होता है , देश का समाज का कुछ भला होता है क्या ?  ये भ्रष्ट officers  लोग क्या  काम कर रहे है l ये देश को दीमक की तरह चाट रहे है , खोखला कर रहे है l

( 14 ) इस कारण कारोबारी समाज का शिक्षित नवजवान , और वर्तमान पीढी business मे रुचि नही ले रही है l दूसरों को काम दे सकने की छमता रखने वाले खुद काम माँग रहे है l आरामतलब जिंदगी की तमन्ना पनप रही है l बहूत ही भयावह स्थिति है l ये देश हित मे नही है l जिस समाज ने करोड़ों करोड़ों हाथों को काम दिया है उसका उदासीन होना खतरनाक है l

( 15 ) कितनी भी विदेशी पूँजी आजाये , कितने भी नये रोजगार पैदा हो जाये किंतु इसकी भरपाई सम्भव नही है l बिना मतलब के कानूनों को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिये l single point taxation ही इसका उपाय है l

( 16 ) हम व्यापारी तो हाथ जोड़ कर tax देना चाहते है l पर इतने तरह के tax , इतने तरह के झंझट नही चाहते l जितना जरूरी हो एक साथ , एक ही जगह tax लगा देना चाहिये l हम खुशी खुशी देंगे l किंतु इन भ्रष्ट officers, inspectors, notices, licences, renewals, records maintainance आदि से मुक्ति चाहते है l

( 17 ) हम चाहते है इन एक नम्बर दो नम्बर के बही खातों और कच्चे पक्के बही खातों की समाप्ति हो l ये सब भ्रष्ट कानूनों और भ्रष्ट सरकारी अफसरों की देन है l हमको तो इस भ्रष्ट व्यवस्था मे लिप्त किया गया है , हमारी चाहत नही है बल्कि मजबूरी है l हम तो परेशान है , त्रस्त है और इसकी समाप्ति चाहते है l
( 18 ) हम middle class के छोटे बड़े कारोबारी शांति प्रिय लोग है l हमको अपने दो हाथों , अपनी मेहनत  और कार्य  कुशलता पर भरोसा है l हम जंगल मे मंगल कर सकते है l हम विदेशी capital या किसी reservation के मोहताज नही है l हम दंगा फ़साद , आगजनी , आंदोलन , हिंसा वाले लोग नही है l हम तो हाथ जोड़ कर माननीय प्रधान मंत्री मोदीजी से विनती करते है कि यदि हमारी मांगो मे ज़रा भी सचाई हो और यदि उनको लगे कि ये समय माँग है और सबसे बढ़कर यदि ये देश हित मे है तो ज़रूर से कृपया कानूनों की जटिलताओं से व्यापार को मुक्त करिये l हम व्यापारी समाज और ये देश हमेशा आपके ऋणी रहेंगे l

(  "व्यापारी मित्रों से निवेदन है , यदि उनको उचित लगे तो ज्यादा से ज्यादा forward करिये " )

Wednesday, 2 March 2016

IMPORTANT GK FOR ALL EXAMS

IMP GK FOR ALL EXAM

1. RTGS का विस्तृत रूप क्या है? - Real Time Gross Settlement
2. HTML का विस्तृत रूप क्या है? - Hyper Text Markup Language
3. WWW का विस्तृत रूप क्या है? - World Wide Web
4. कैनरा बैंक के नए एमडी और सीईओ?- राकेश शर्मा
5.कार्मिक मंत्री, लोक शिकायत और पेंशन के मंत्री कौन है?- नरेंद्र मोदी
6. कैरोलिना मरीन किस खेल से सम्बंधित है?- बैडमिंटन
7. हाल ही में हीरो साइकिल के संस्थापक का निधन हो गया?- ओ.पी मुंजाल
8. AMRUT का विस्तृत रूप क्या है?- Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation
9. विश्व फोटोग्राफी दिवस? - 19 अगस्त
10.पहला ग्लोबल इन्वेस्टर मीट कहां हुआ?- चेन्नई
11.किसने यूएस ओपन का मिश्रित डबल का ख़िताब जीता?- लिएंडर पेस और मार्टिना हिंगिस
12. "Swami and Friend" किताब किस प्रसिद्ध भारतीय लेखक द्वारा लिखी गयी है?- आर.के नारायण
13. किसे भातखंडे संगीत संस्थान के उपकुलपति के रूप में नियुक्त किया गया है?- प्रो. कुमकुम धार
14. सैक्रामेंटो, कैलिफ़ोर्निया में पहली महिला पोस्टमास्टर ? - जगदीप ग्रेवाल
15.हाल ही में SBI ने एक मोबाइल वॉलेट लांच किया? - SBI बडी
16.वड़ाक्कुम्नाथन मंदिर ने यूनेस्को अवार्ड प्राप्त हुआ है वह किस राज्य से सम्बंधित है? -केरल
17.बंधन बैंक टैगलाइन? - “आप का भला, सबकी भलाई ”
18. कौन से बैंक ने सरल रूरल हाउसिंग लोन आयोजित किया है? - ICICI Bank
19.अधिकतम पूंजी स्थानांतरण योजना ने हाल ही में गिनेस बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में प्रवेश क्या है?- पहल
20.किसने महाराष्ट्र भूषण पुरुस्कार जीता है? - बाबासाहेब पुरंदरे
21.चीन की मुद्रा ?- रॅन्मिन्बी
22.BRICS में C का अर्थ क्या है? - चीन
23. इटली मुद्रा? - यूरो
24. स्वीडन राजधानी? - स्टॉकहोल्म
25. गिर पार्क कहां है? - गुजरात
26. UCO बैंक का मुख्यालय? -कोलकाता
27. CBDT का विस्तृत रूप क्या है? - Central Board of Direct Taxes
28. मिलियन में इंडिया फॉरेक्स रिज़र्व ? - 921 मिलियन
29. अगला एशियन खेल कहां होंगे? - जकार्ता, इंडोनेशिया
30. AMFI का विस्तृत रूप? - Association of Mutual Funds of India
31. वीर सावरकर एअरपोर्ट कहां स्थित है?- पोर्ट ब्लेयर
32. Highest share in RRB is held by? - Central Government
33. संविधान का कौन सा अनुच्छेद सभी लोगों को समान रूप से देश के कानून द्वारा संरक्षित किया जाने की गारंटी देता है? –अनुच्छेद 14
34. MICR का प्रयोग? -चेक के प्रसंस्करण और निकासी के लिए किया जाता है
35. FI का विस्तृत रूप? - Financial Institution
36. आदिपेरुक्कू कौन से राज्य का त्योहार है? - तमिल नाडू
37. "Making India Awesome" के लेखक? - चेतन भगत
38. TCP/IP का विस्तृत रूप क्या है? Transmission Control Protocol/Internet Protocol
39. नेपाल के लिए पाइप लाइन? - बिहार में रक्सौल से नेपाल में अम्लेख्गुन्ज
40. रिलायंस पेमेंट बैंक ने किस बैंक के साथ करार किया है? - SBI
41. 1 किलोबाइट कितने बिट्स के बराबर है?- 8192
42.जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण के लिए कैबिनेट मंत्री? - उमा भारती
43. विश्व निमोनिया दिवस ? -12 नवम्बर
44. ऑस्कर 2016 के लिए भारत के प्रवेश का चयन करने के लिए चुने गए अध्यक्ष? - अमोल पालेकर
45.भारतीय रेल ने अप्रैल की शुरुआत से अगले पांच साल में कितनी राशि जुटाने के लिए सरकारी जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के साथ समझौता (एमओयू) के एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं?-1.5 लाख crore रुपए
46.शहीद नारायण स्टेडियम कहां स्थिति है?- रायपुर, छत्तीसगढ़

Aatma Chintan

आज लोगों में पर्यावरण और स्वास्थ को लेकर जागरुकता काफी बढ़ गई है, जिससे जैविक खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है। आज लोग स्वस्थ रहने के लिए ऑर्गेनिक फूड को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।ठंड की सब्जियों को जैविक खेती द्वारा उगाया जा सकता है। यह बहुत आसान होता है और इसे छोटे बड़े दोनों ही स्तर पर किया जा सकता है। आइए हम आपको बताते हैं कि आप जैविक रूप से कैसे ठंड की सब्जियों को उगा सकते हैं-
जैविक तरीके से ऐसे उगाएं ठंड में सब्जियां
1. सही फसल का चुनाव करें- विश्व के हर हिस्से में अलग-अलग ठंड पड़ती है। कुछ हिस्सों में जहां कड़ाके की ठंड पड़ती है, वहीं कुछ हिस्सों में बहुत ज्यादा सर्दी नहीं पड़ती है। इसलिए जब भी ठंड की सब्जियों को जैविक रूप से उगाने के बारे में सोचें तो पहले यह पता कर लें कि आपके द्वारा चुनी गई सब्जियां उस हिस्से के तापमान में जीवित रह पाएंगी या नहीं। हर सब्जी अलग-अलग तापमान में जीवित रहती हैं। उदाहरण के लिए प्याज में ठंड सहने की अद्भुत क्षमता होती है। यह -18 डिसे पर भी उग सकती है।
2. रोटेशन पॉलिसी को अपनाएं- जैविक खेती का एक अहम पहलू यह है कि आप फसल को बदल-बदल कर लगाएं। जब एक ही फसल को बार-बार लगाया जाता है, तो मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है। साथ ही फसल बदलने से बीमारी से नुकसान भी कम होता है। आपको हर सीजन में फसल बदल देनी चाहिए।
3. सर्द हवाओं से बचाएं- ठंड की सब्जियों को सर्द हवाओं से बचाने की जरूरत होती है। इसके लिए आप हवा की दिशा में पेड़-पौधों का इस्तेमाल अवरोध के रूप में करें। आप चाहें तो इसके लिए झाड़ियों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही पौधों को इस तरह से लगाएं ताकि घर की दीवार सर्द हवाओं से बचाने में मदद करे। पर ध्यान रहे, अवरोध का इस्तेमाल सिर्फ हवाओं से बचाने के लिए होना चाहिए। ऐसा न हो कि सूरज की रोशनी में बाधा पहुंचने लगे।
4. प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल करें- जैविक खेती में प्राकृतिक खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह की खेती में रसायनिक कीटनाशक और खाद का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, जिससे न सिर्फ मिट्टी को नुकसान पहुंचता है, बल्कि इसकी उर्वरता भी कम होती है। इसलिए जैविक खेती में हमेशा खाद के तौर पर पशुओं का बचा हुआ भोजन, पशुओं का मल और दूसरे पौधों के अपशिष्ट आदि का इस्तेमाल करना चहिए। इन खादों का पर्यावरण पर बुरा असर नहीं पड़ता है और साथ ही पौधों के लिए ये काफी फायदेमंद होते हैं। इसी तरह जहरीले रसायन की जगह प्राकृतिक कीटनाशक का इस्तेमाल करना चाहिए।
5. मल्चिंग और मम्पोस्टिंग- जैविक खेती में मल्चिंग और कम्पोस्टिंग का भी विशेष महत्व है। मल्चिंग में सब्जियां उगाने से पहले सड़ी-गली घास फूस की एक पतली परत बिछाई जाती है। यह माइक्रो आर्गनिज्म को बढ़ाता है, जो पौधों के विकास के लिए काफी फायदेमंद होता है। साथ ही यह ठंड के समय पौधों को गर्म भी रखता है। इसी तरह पौधों के विकास को बढ़ावा देने के लिए कम्पोस्ट का इस्तेमाल भी जैविक खेती का अहम हिस्सा है। कम्पोस्ट एक तरह का प्राकृतिक खाद है, जो पौधों के अपशिष्ट, पशुओं के मल और दूसरे जैविक जीचों से तैयार किया जाता है।
ये कुछ बातें थी जो ठंड में सब्जियों को जैविक रूप से उगाने में कारगर साबित होंगी। जैविक खाद्य पदार्थ परंपरागत तरीके से उगाए गए खाद्य पदार्थो की तुलना में ज्यादा पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं।
��healthy morning ��

Aatma Chintan

आज लोगों में पर्यावरण और स्वास्थ को लेकर जागरुकता काफी बढ़ गई है, जिससे जैविक खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है। आज लोग स्वस्थ रहने के लिए ऑर्गेनिक फूड को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।ठंड की सब्जियों को जैविक खेती द्वारा उगाया जा सकता है। यह बहुत आसान होता है और इसे छोटे बड़े दोनों ही स्तर पर किया जा सकता है। आइए हम आपको बताते हैं कि आप जैविक रूप से कैसे ठंड की सब्जियों को उगा सकते हैं-
जैविक तरीके से ऐसे उगाएं ठंड में सब्जियां
1. सही फसल का चुनाव करें- विश्व के हर हिस्से में अलग-अलग ठंड पड़ती है। कुछ हिस्सों में जहां कड़ाके की ठंड पड़ती है, वहीं कुछ हिस्सों में बहुत ज्यादा सर्दी नहीं पड़ती है। इसलिए जब भी ठंड की सब्जियों को जैविक रूप से उगाने के बारे में सोचें तो पहले यह पता कर लें कि आपके द्वारा चुनी गई सब्जियां उस हिस्से के तापमान में जीवित रह पाएंगी या नहीं। हर सब्जी अलग-अलग तापमान में जीवित रहती हैं। उदाहरण के लिए प्याज में ठंड सहने की अद्भुत क्षमता होती है। यह -18 डिसे पर भी उग सकती है।
2. रोटेशन पॉलिसी को अपनाएं- जैविक खेती का एक अहम पहलू यह है कि आप फसल को बदल-बदल कर लगाएं। जब एक ही फसल को बार-बार लगाया जाता है, तो मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है। साथ ही फसल बदलने से बीमारी से नुकसान भी कम होता है। आपको हर सीजन में फसल बदल देनी चाहिए।
3. सर्द हवाओं से बचाएं- ठंड की सब्जियों को सर्द हवाओं से बचाने की जरूरत होती है। इसके लिए आप हवा की दिशा में पेड़-पौधों का इस्तेमाल अवरोध के रूप में करें। आप चाहें तो इसके लिए झाड़ियों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही पौधों को इस तरह से लगाएं ताकि घर की दीवार सर्द हवाओं से बचाने में मदद करे। पर ध्यान रहे, अवरोध का इस्तेमाल सिर्फ हवाओं से बचाने के लिए होना चाहिए। ऐसा न हो कि सूरज की रोशनी में बाधा पहुंचने लगे।
4. प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल करें- जैविक खेती में प्राकृतिक खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह की खेती में रसायनिक कीटनाशक और खाद का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, जिससे न सिर्फ मिट्टी को नुकसान पहुंचता है, बल्कि इसकी उर्वरता भी कम होती है। इसलिए जैविक खेती में हमेशा खाद के तौर पर पशुओं का बचा हुआ भोजन, पशुओं का मल और दूसरे पौधों के अपशिष्ट आदि का इस्तेमाल करना चहिए। इन खादों का पर्यावरण पर बुरा असर नहीं पड़ता है और साथ ही पौधों के लिए ये काफी फायदेमंद होते हैं। इसी तरह जहरीले रसायन की जगह प्राकृतिक कीटनाशक का इस्तेमाल करना चाहिए।
5. मल्चिंग और मम्पोस्टिंग- जैविक खेती में मल्चिंग और कम्पोस्टिंग का भी विशेष महत्व है। मल्चिंग में सब्जियां उगाने से पहले सड़ी-गली घास फूस की एक पतली परत बिछाई जाती है। यह माइक्रो आर्गनिज्म को बढ़ाता है, जो पौधों के विकास के लिए काफी फायदेमंद होता है। साथ ही यह ठंड के समय पौधों को गर्म भी रखता है। इसी तरह पौधों के विकास को बढ़ावा देने के लिए कम्पोस्ट का इस्तेमाल भी जैविक खेती का अहम हिस्सा है। कम्पोस्ट एक तरह का प्राकृतिक खाद है, जो पौधों के अपशिष्ट, पशुओं के मल और दूसरे जैविक जीचों से तैयार किया जाता है।
ये कुछ बातें थी जो ठंड में सब्जियों को जैविक रूप से उगाने में कारगर साबित होंगी। जैविक खाद्य पदार्थ परंपरागत तरीके से उगाए गए खाद्य पदार्थो की तुलना में ज्यादा पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं।
��healthy morning ��

Aatma Chintan

आज लोगों में पर्यावरण और स्वास्थ को लेकर जागरुकता काफी बढ़ गई है, जिससे जैविक खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है। आज लोग स्वस्थ रहने के लिए ऑर्गेनिक फूड को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।ठंड की सब्जियों को जैविक खेती द्वारा उगाया जा सकता है। यह बहुत आसान होता है और इसे छोटे बड़े दोनों ही स्तर पर किया जा सकता है। आइए हम आपको बताते हैं कि आप जैविक रूप से कैसे ठंड की सब्जियों को उगा सकते हैं-
जैविक तरीके से ऐसे उगाएं ठंड में सब्जियां
1. सही फसल का चुनाव करें- विश्व के हर हिस्से में अलग-अलग ठंड पड़ती है। कुछ हिस्सों में जहां कड़ाके की ठंड पड़ती है, वहीं कुछ हिस्सों में बहुत ज्यादा सर्दी नहीं पड़ती है। इसलिए जब भी ठंड की सब्जियों को जैविक रूप से उगाने के बारे में सोचें तो पहले यह पता कर लें कि आपके द्वारा चुनी गई सब्जियां उस हिस्से के तापमान में जीवित रह पाएंगी या नहीं। हर सब्जी अलग-अलग तापमान में जीवित रहती हैं। उदाहरण के लिए प्याज में ठंड सहने की अद्भुत क्षमता होती है। यह -18 डिसे पर भी उग सकती है।
2. रोटेशन पॉलिसी को अपनाएं- जैविक खेती का एक अहम पहलू यह है कि आप फसल को बदल-बदल कर लगाएं। जब एक ही फसल को बार-बार लगाया जाता है, तो मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है। साथ ही फसल बदलने से बीमारी से नुकसान भी कम होता है। आपको हर सीजन में फसल बदल देनी चाहिए।
3. सर्द हवाओं से बचाएं- ठंड की सब्जियों को सर्द हवाओं से बचाने की जरूरत होती है। इसके लिए आप हवा की दिशा में पेड़-पौधों का इस्तेमाल अवरोध के रूप में करें। आप चाहें तो इसके लिए झाड़ियों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही पौधों को इस तरह से लगाएं ताकि घर की दीवार सर्द हवाओं से बचाने में मदद करे। पर ध्यान रहे, अवरोध का इस्तेमाल सिर्फ हवाओं से बचाने के लिए होना चाहिए। ऐसा न हो कि सूरज की रोशनी में बाधा पहुंचने लगे।
4. प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल करें- जैविक खेती में प्राकृतिक खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह की खेती में रसायनिक कीटनाशक और खाद का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, जिससे न सिर्फ मिट्टी को नुकसान पहुंचता है, बल्कि इसकी उर्वरता भी कम होती है। इसलिए जैविक खेती में हमेशा खाद के तौर पर पशुओं का बचा हुआ भोजन, पशुओं का मल और दूसरे पौधों के अपशिष्ट आदि का इस्तेमाल करना चहिए। इन खादों का पर्यावरण पर बुरा असर नहीं पड़ता है और साथ ही पौधों के लिए ये काफी फायदेमंद होते हैं। इसी तरह जहरीले रसायन की जगह प्राकृतिक कीटनाशक का इस्तेमाल करना चाहिए।
5. मल्चिंग और मम्पोस्टिंग- जैविक खेती में मल्चिंग और कम्पोस्टिंग का भी विशेष महत्व है। मल्चिंग में सब्जियां उगाने से पहले सड़ी-गली घास फूस की एक पतली परत बिछाई जाती है। यह माइक्रो आर्गनिज्म को बढ़ाता है, जो पौधों के विकास के लिए काफी फायदेमंद होता है। साथ ही यह ठंड के समय पौधों को गर्म भी रखता है। इसी तरह पौधों के विकास को बढ़ावा देने के लिए कम्पोस्ट का इस्तेमाल भी जैविक खेती का अहम हिस्सा है। कम्पोस्ट एक तरह का प्राकृतिक खाद है, जो पौधों के अपशिष्ट, पशुओं के मल और दूसरे जैविक जीचों से तैयार किया जाता है।
ये कुछ बातें थी जो ठंड में सब्जियों को जैविक रूप से उगाने में कारगर साबित होंगी। जैविक खाद्य पदार्थ परंपरागत तरीके से उगाए गए खाद्य पदार्थो की तुलना में ज्यादा पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं।
��healthy morning ��

Aatma Chintan

आज लोगों में पर्यावरण और स्वास्थ को लेकर जागरुकता काफी बढ़ गई है, जिससे जैविक खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है। आज लोग स्वस्थ रहने के लिए ऑर्गेनिक फूड को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।ठंड की सब्जियों को जैविक खेती द्वारा उगाया जा सकता है। यह बहुत आसान होता है और इसे छोटे बड़े दोनों ही स्तर पर किया जा सकता है। आइए हम आपको बताते हैं कि आप जैविक रूप से कैसे ठंड की सब्जियों को उगा सकते हैं-
जैविक तरीके से ऐसे उगाएं ठंड में सब्जियां
1. सही फसल का चुनाव करें- विश्व के हर हिस्से में अलग-अलग ठंड पड़ती है। कुछ हिस्सों में जहां कड़ाके की ठंड पड़ती है, वहीं कुछ हिस्सों में बहुत ज्यादा सर्दी नहीं पड़ती है। इसलिए जब भी ठंड की सब्जियों को जैविक रूप से उगाने के बारे में सोचें तो पहले यह पता कर लें कि आपके द्वारा चुनी गई सब्जियां उस हिस्से के तापमान में जीवित रह पाएंगी या नहीं। हर सब्जी अलग-अलग तापमान में जीवित रहती हैं। उदाहरण के लिए प्याज में ठंड सहने की अद्भुत क्षमता होती है। यह -18 डिसे पर भी उग सकती है।
2. रोटेशन पॉलिसी को अपनाएं- जैविक खेती का एक अहम पहलू यह है कि आप फसल को बदल-बदल कर लगाएं। जब एक ही फसल को बार-बार लगाया जाता है, तो मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है। साथ ही फसल बदलने से बीमारी से नुकसान भी कम होता है। आपको हर सीजन में फसल बदल देनी चाहिए।
3. सर्द हवाओं से बचाएं- ठंड की सब्जियों को सर्द हवाओं से बचाने की जरूरत होती है। इसके लिए आप हवा की दिशा में पेड़-पौधों का इस्तेमाल अवरोध के रूप में करें। आप चाहें तो इसके लिए झाड़ियों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही पौधों को इस तरह से लगाएं ताकि घर की दीवार सर्द हवाओं से बचाने में मदद करे। पर ध्यान रहे, अवरोध का इस्तेमाल सिर्फ हवाओं से बचाने के लिए होना चाहिए। ऐसा न हो कि सूरज की रोशनी में बाधा पहुंचने लगे।
4. प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल करें- जैविक खेती में प्राकृतिक खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह की खेती में रसायनिक कीटनाशक और खाद का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, जिससे न सिर्फ मिट्टी को नुकसान पहुंचता है, बल्कि इसकी उर्वरता भी कम होती है। इसलिए जैविक खेती में हमेशा खाद के तौर पर पशुओं का बचा हुआ भोजन, पशुओं का मल और दूसरे पौधों के अपशिष्ट आदि का इस्तेमाल करना चहिए। इन खादों का पर्यावरण पर बुरा असर नहीं पड़ता है और साथ ही पौधों के लिए ये काफी फायदेमंद होते हैं। इसी तरह जहरीले रसायन की जगह प्राकृतिक कीटनाशक का इस्तेमाल करना चाहिए।
5. मल्चिंग और मम्पोस्टिंग- जैविक खेती में मल्चिंग और कम्पोस्टिंग का भी विशेष महत्व है। मल्चिंग में सब्जियां उगाने से पहले सड़ी-गली घास फूस की एक पतली परत बिछाई जाती है। यह माइक्रो आर्गनिज्म को बढ़ाता है, जो पौधों के विकास के लिए काफी फायदेमंद होता है। साथ ही यह ठंड के समय पौधों को गर्म भी रखता है। इसी तरह पौधों के विकास को बढ़ावा देने के लिए कम्पोस्ट का इस्तेमाल भी जैविक खेती का अहम हिस्सा है। कम्पोस्ट एक तरह का प्राकृतिक खाद है, जो पौधों के अपशिष्ट, पशुओं के मल और दूसरे जैविक जीचों से तैयार किया जाता है।
ये कुछ बातें थी जो ठंड में सब्जियों को जैविक रूप से उगाने में कारगर साबित होंगी। जैविक खाद्य पदार्थ परंपरागत तरीके से उगाए गए खाद्य पदार्थो की तुलना में ज्यादा पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं।
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